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दुर्ग

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण की अपील की

दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और जीवन का आरंभ जल से हुआ है। जल का सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है।

विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम जल की प्रत्येक बूँद को संजोएं। उन्होंने बताया कि हर साल 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। श्री चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जागर महोत्सव’ का उदाहरण दिया, जो जल संरक्षण के प्रति स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से प्रेरित था।

विधायक ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित जल दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही हल किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल की हर बूँद को सहेजने का संकल्प लें और इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँ।

अंत में, विधायक ने प्रदेशवासियों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने आसपास के नल से बह रहे पानी को व्यर्थ न जाने दें और नल की टोटी स्वयं बंद करें, ताकि जल का बचाव हो सके और आने वाली पीढ़ियाँ भी जल-समृद्ध भविष्य का लाभ उठा सकें।

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